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भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम ....

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम ....
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए

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